एक परिवार का वो शान होता है
जैसे तलवार का मयान होता है
सबकी खुशी के लिए चुपचाप गम पीता है
हां वो एक पिता है।
बेटियां उसके लिए परी हैं बेटें राजा बाबू
हर ख्वाहिश करता है पूरी करके जैसे जादू
इसीलिए तो सब उसका चहिता है
हां वो एक पिता है।
उससे ही दुनिया है कायनात है
बेफिक्र है वो जिसके वो साथ है
वो अपने बच्चो के लिए जीता है
हां वो एक पिता है।
कड़ी धूप में जैसे शीतल छाया हो
दुख से रहोगे दूर जो तुम्हारे ऊपर उसकी साया हो
खिलखिलाता बचपन जिसके साथ बिता है
हां वो एक पिता है।
करता देश की सेवा बनकर कोई नेता तो कोई फौजी बनकर
कोई मजदूर है तो कोई जीता है किसान बनकर
कोई दुकानदार है तो कोई दर्जी बनकर सीता है
हां वो एक पिता है।